
☁️ बारिश की रानी और बादलों के बच्चे ☁️
बारिश का सुहावना मौसम था।
छत पर टप-टप-टप की आवाज़ गूंज रही थी। छोटी छवि अपनी नरम रजाई में मम्मी के साथ लेटी हुई थी। बिजली चमकती तो वह मम्मी कीऔर ज़ोर से सिमट जाती।
छवि ने फिर मम्मी से पूछा “मम्मी, बारिश क्यों होती है?” ।
मम्मी मुस्कुराईं और बोलीं,
“अच्छा, आज मैं तुम्हें एक बहुत प्यारी कहानी सुनाती हूँ… बारिश की रानी और बादलों के बच्चों की कहानी।”
छवि ने चमकती आँखों से कहा, “हाँ मम्मी, सुनाओ!”
बहुत समय पहले, आसमान में एक सुंदर परी रहती थी—बारिश की रानी। उसके पास सफेद-फूले हुए छोटे-छोटे बादलों के बच्चे थे। वे पूरे दिन खेलते, उछलते और हवा के झूलों पर झूलते रहते थे ।
पर एक समस्या थी—
बारिश नहीं होने के कारण धरती पर पेड़-पौधे प्यासे हो जाते थे।
एक दिन पेड़ों ने आसमान की ओर देखा और बोले,
“हम बहुत प्यासे हैं, हमें पानी चाहिए…”
बारिश की रानी को उनकी आवाज़ सुनाई दी। रानी ने अपने बादलों के बच्चों को बुलाया और कहा,
“चलो, धरती पर पेड़ पौधों को पानी पिलाते हैं।”
बादलों के बच्चे ख़ुश होकर नीचे उतरे और टिप-टिप-झम-झम बरसने लगे।
धरती खुश हो गई। पौधों ने नाचते हुए कहा,
“धन्यवाद बादलों के बच्चो!”
तभी बारिश की रानी बोली—
“जब भी धरती को हमारी ज़रूरत होगी, हम फिर आएँगे।”
🌙 वापस छवि की दुनिया में…
कहानी सुनते-सुनते रावी ने खिड़की के बाहर देखा—बारिश सच में टिप-टिप हो रही थी।
“मम्मी, क्या ये बादलों के बच्चे ही बरस रहे हैं?” उसने फुसफुसाया।
मम्मी ने उसके माथे पर हल्की चुम्मी दी और बोलीं,
“हाँ बेटा, आज वे सिर्फ़ तुम्हें सुलाने आए हैं।”
छवि मुस्कुराई, रजाई में दुबककर लेट गई, और बारिश की मीठी आवाज़ सुनते-सुनते धीरे से सो गई।
✨ संदेश (Moral)
प्रकृति हमारी सबसे प्यारी दोस्त है—अगर हम उसकी देखभाल करें तो वह हमेशा हम पर प्यार बरसाती है।