
🌸 बेरी खरगोश, यश्वी और चालाक बिल्ली 🐰🐱🌼
एक छोटे, खूबसूरत शहर में एक बच्ची रहती थी—नाम था यश्वी।
उसके पास एक खरगोश था और यश्वी उससे बोहत प्यार से रखती थी | वह रोज़ अपने घर के पास वाले बगीचे में खेलने जाती थी। उस बगीचे में छोटा, सफ़ेद और बहुत ही नटखट दोस्त—खरगोश बेरी भी उसके साथ वहां खेला करता था ।
बेरी और यश्वी रोज़ साथ खेलते—तितलियाँ पकड़ते, फूलों को पानी देते और पेड़ के नीचे बैठकर बातें करते।
दोनों में बहुत प्यारी दोस्ती थी।
🐾एक दिन उस खरगोश पर चालाक बिल्ली की नज़र पड़ी
जब यश्वी पानी की बोतल लेने घर गई, बेरी अकेला बगीचे में खेल रहा था।
ठीक उसी समय, चालाक काली बिल्ली दीवार के पीछे से चुपके-चुपके बगीचे में घुस आई। उसकी आँखें बेरी पर टिक गईं।
बिल्ली सोची—
“वाह! कितना छोटा और मुलायम खरगोश… आज तो मज़ा आ जाएगा!”
वह धीरे-धीरे पंजों के बल बेरी की ओर बढ़ने लगी।
बेरी ने जैसे ही बिल्ली को आते देखा—वह डर गया। उसके छोटे-छोटे पैर काँपने लगे।
वह भागने लगा लेकिन बिल्ली तेज़ थी। उसने लगभग बेरी को पकड़ ही लिया था।
🌟 यश्वी की बहादुरी देखो
तभी यश्वी वापस आई और उसने सारी घटना देख ली।
वह बिना सोचे-समझे ज़ोर से चिल्लाई—
“रुको!! बेरी को छोड़ दो!”
बिल्ली डर गई, पर पीछे हटने की बजाय वह यश्वी को देखने लगी ।
यश्वी ने तुरंत पास रखी पानी की बोतल उठाई और बिल्ली की तरफ फेंक दी ।
बिल्ली “म्याऊँ—म्याऊँ” करती पीछे हट गई और डरकर वहाँ से भाग गई।
बेरी काँपते-काँपते यश्वी के पास आया।
यश्वी ने उसे अपनी बाँहों में उठा लिया और बोली—
“डरो मत बेरी, मैं हमेशा तुम्हारी रक्षा करूँगी।”
बेरी ने प्यार से उसका हाथ चाटा, जैसे कह रहा हो—
“धन्यवाद, यश्वी… तुम मेरी सबसे अच्छी दोस्त हो!”
उस दिन के बाद यश्वी और बेरी की दोस्ती पहले से भी ज़्यादा मजबूत हो गई।
वह रोज़ साथ खेलते और एक-दूसरे का ख्याल रखते जैसे परिवार हों।
✨ कहानी का संदेश (Moral of the Story)
सच्ची दोस्ती वही है जहाँ हम एक-दूसरे की मदद करें और मुश्किल समय में साथ खड़े रहें।
और —
दया और साहस हमेशा बुराई पर जीत हासिल करते हैं।