पंचतंत्र की कहानी

हाथी और गौरैया (The Elephant and the Sparrow)
एक घने शांत और हरियाली भरे जंगल में एक गौरैया रहती थी | उसी घने जंगल में एक बड़े से वृक्ष के नीचे एक मोटी शाखा पर उस गोरिया ने अपना घोंसला बनाया था |और उस घोसले में चार छोटे-छोटे अंडे भी थे और रोज गोरैया उस घोसले में उन अंडों पर बैठा करती थी |
एक दिन उस जंगल में एक हाथी आया जिसका नाम ” गजराज” था| गजराज हाथी बहुत ही गुस्सैल हाथी था |और उसने बिना किसी कारण जाकर उस बड़े से वृक्ष को जहाँ गोरैया का घोसला था अपनी सूंड से तोड़ मरोड़ दिया | इसके कारण गौरैया के अंडे जमीन पर गिरकर टूट गए | यह देखकर गौरैया बहुत दुखी हुई और रोने लगी |
गौरैया यह सब देखकर उदास रहने लगी | थोड़ी ही देर बाद उसके मित्र वहां से गुजर रहे थे |
गौरैया के मित्र कौवा मेंढक और सांप वहां से जब निकल रहे थे उन्होंने देखा गौरैया को और पूछा ” क्या हुआ ?
तुम इतनी उदास क्यों लग रही हो |
गोरिया ने कहा कि मेरे घोसले में मेरे अंडे थे और यह गजराज हाथी ने आकर उस डाली को तोड़ दिया | और मेरे सारे अंडे नीचे गिरकर टूट गए | इसीलिए मैं उदास हूं |
गोरिया के मित्रों से गोरिया का यह दुख देखा नहीं गया |
वह भी उदास हो गए थोड़ी देर बाद उन्होंने एक योजना बनाई और गौरैया की मदद करने की ठान ली | गोरिया के दोस्तों ने कहा कि इस गजराज हाथी को सबक तो सिखाना पड़ेगा |
हम इस योजना में ऐसा करते हैं कि मेंढक अपनी टर- टर से हाथी को एक गड्ढे की ओर ले जाएगा | जहां सांप उसे डस लेगा और कौवा वह अपनी चोंच से उसकी आंखों पर वार करेगा|
थोड़ी ही देर बाद जब गजराज हाथी वहां से गुजर रहा था तब मेंढक ने अपनी टर- टर आवाज से हाथी का ध्यान भटकाया और गड्ढे की तरफ ले गया जैसे ही गजराज हाथी गड्ढे में गिरा वैसे ही कौवे ने उसकी आंखों पर वार किया और सांप ने उसे डस लिया |
गजराज हाथी दर्द से चीख उठा और पूरी तरह असहाय हो गया वह कुछ ना कर पाया और वह विशाल हाथी गजराज जो कभी अपनी ताकत पर घमंड करता था आज अपने ही कारण कमजोर हो गया |
तो बच्चों इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है
चाहे कोई कितना भी बड़ा या शक्तिशाली क्यों ना हो दूसरों पर अत्याचार करना गलत बात होती है |
सबसे महत्वपूर्ण बात एकता और समझदारी के साथ बड़ी से बड़ी शक्ति को भी पराजित किया जा सकता है |