
🌟 कहानी: “राघवी और उसकी दोस्त हैप्पी”
एक खुशहाल शहर में राघवी नाम की एक प्यारी लड़की रहती थी। उसके घर में उसकी सबसे अच्छी दोस्त भी रहती थी—एक खूबसूरत गोल्डन रिट्रीवर, जिसका नाम था हैप्पी।
राघवी और हैप्पी की दोस्ती पूरे मोहल्ले में मशहूर थी। रघवी के दोस्त भी हैप्पी से बोहत प्यार करते थे | शाम को सब मिलकर खूब मस्ती करते थे |
रघवी और हैप्पी दोनों सुबह साथ खेलते, शाम को टहलने जाते, और रात को राघवी अपना होमवर्क करते समय भी हैप्पी उसके पैरों के पास बैठती थी ।
हर सुबह राघवी जब स्कूल जाने लगती, हैप्पी दरवाज़े के पास बैठ जाती उसकी सॉक्स पकड़कर जिद्द करती की मेरे साथ खेलो | और जब स्कूल जाते वक़्त रघवी को ऐसे देखती जैसे कह रही हो,
“जल्दी आ जाना, मैं इंतज़ार करूँगी।”
फिर रोज की तरह वह घर के बाहर लगे बड़े नीम के पेड़ के नीचे बैठकर उसका इंतज़ार करती रहती।
दोनों का ये प्यार सभी को बहुत प्यारा लगता था।
एक दिन स्कूल से आने के बाद रघवी और हैप्पी जब घूमने निकले उन्होंने देखा कि कुछ बच्चे एक छोटे से पिल्ले को डराकर भगा रहे थे। हैप्पी भी ये सब देख रही थी और जोर जोर से भोकने लगी | वह पिल्ला उन बच्चों से डर कर काँप रहा था और सहमा हुआ था।
राघवी ज़ोर से बोली,
“ऐसा मत करो! जानवर भी डरते हैं, इन्हें चोट नहीं पहुँचाते!”
बच्चे नाराज होकर वहाँ से चले गए।
राघवी पिल्ले को उठाकर अपने घर ले आई। हैप्पी ने उसे देखा, धीरे से सूँघा और उसके पास बैठ गई—जैसे वह उसे भरोसा दे रही हो,
“डर मत, अब तुम सुरक्षित हो।”
रघवी और हैप्पी रोज पिल्लै के साथ अब खेलने लगे धीरे-धीरे पिल्ला ठीक हो गया और राघवी के परिवार का हिस्सा बन गया।
राघवी अब सबको सीख देती थी—
“जानवर हम पर भरोसा करते हैं। हमें उन्हें प्यार और सुरक्षा देनी चाहिए।”
हैप्पी और राघवी की दोस्ती और भी मजबूत होती गई।
वे दोनों मिलकर पिल्ले की देखभाल करते, खेलते और हर किसी को दया और प्यार की सीख देते।
✨ कहानी की सीख (Moral):
जानवरों से प्यार और दया करना बहुत जरूरी है।
हमें जानवरों की रक्षा करनी चाहिए ।
दोस्ती सिर्फ इंसानों से नहीं—जानवरों से भी दिल से होती है।