*नए स्कूल का पहला दिन *
हेलो दोस्तों! मेरा नाम नैना है और आज मेरी स्कूल का पहला दिन है |
मेरी मां मेरा हाथ पकड़ कर मुझे स्कूल छोड़ने मेरे साथ जा रही है |
माँ ने कहा -” चलो -चलो !” नैना जल्दी चलो ! और मैंने अपनी मां का हाथ कस कर पकड़ा है |
मेरा स्कूल मेरे घर से बस 5 मिनट की दूरी पर है |
स्कूल के बाहर पहुंच कर मैंने देखा स्कूल के पास बहुत सारे बच्चे हैं |
कुछ बच्चे बस से आते हैं ,कुछ बच्चे कार से आते हैं ,और कुछ पैदल आते हैं मेरी तरह अपनी मां के साथ |
थोड़ी ही देर में हम स्कूल के पास पहुंच गए और मां ने मेरा हाथ छोड़ दिया वहां से मुझे अंदर अकेले ही जाना था मेरे आस-पास बहुत सारे अनजान बच्चे थे, बहुत सारी टीचर्स थी जो मेरे लिए बिल्कुल अनजान थी |
नैना डर गई और भाग कर जाकर अपनी मां को गले लगा कर रोने लगी | मां ने पूछा ” क्या हुआ बेटा” |
मैंने कहा मां मुझे डर लग रहा है सब अंजान लोग हैं मैं कैसे स्कूल जाऊंगी मेरा मन वहां कैसे लगेगा |
मां ने कहा” नैना” डरो मत नया स्कूल है नए दोस्त बनेंगे नयी टीचर्स मिलेगी नयी बुक्स मिलेगी सब कुछ नया होगा|
नैना ने कहा – मां मुझे नहीं लगता मैं बड़ी हो गई हूं ,मुझे स्कूल जाने से डर लग रहा है|
सभी बच्चे अंदर जा चुके थे सिर्फ नैना बाहर थी| इतने में नैना की टीचर बाहर आती है और कहती है नैना चलो मैं तुम्हारे साथ हूं |
और मां ने कहा कि जाओ नैना , अंदर जाओ जब तुम बाहर आओगी मैं यहीं मिलूंगी | मैं दौड़कर अंदर गई , मैंने नए दोस्त बनाये , मैं नयी टीचर से मिली , और मुझे मेरा स्कूल बहुत पसंद आया|
थोड़ी ही देर में छुट्टी हो गई और जब मैं बाहर आई तो मैंने देखा मेरी मां वही गेट पर मेरा इंतजार कर रही थी | में नए स्कूल में जाकर बोहत खुश हूँ |
तो बच्चों इससे हमे यहाँ सीख मिलती हैं की” हमें नयी शुरुवात से कभी नहीं डरना चाहिए और हिम्मत से आगे बढ़ना चाहिए ”