
⭐ चाँद और तारों से दोस्ती ⭐
(बच्चों के लिए प्यारी कहानी)
एक छोटे से गाँव में तीन दोस्त रहते थे उनका नाम था —नैना , वीर, और कबीर। हर रात खाना खाकर वे अपने घर की छत पर बैठकर आसमान देखते थे और ढेर सारी बातें किया करते थे । उन्हें सबसे ज्यादा चाँद और टिमटिमाते तारे पसंद थे।
एक रात, जब वे आसमान देख रहे थे नैना बोली,
“कितना अच्छा होगा अगर हम चाँद और तारों से बात कर पाते!”
वीर हँसकर बोला, “हाँ! मैं तो चाँद से कहता कि थोड़ी देर मेरे साथ क्रिकेट खेले।”
कबीर ने कहा, “और मैं तारों से कहता कि हमेशा मेरे रास्ते को रोशन करें।”
अचानक, आसमान में एक टूटता तारा चमका और रुक गया। तारे ने धीरे-से कहा,
“हम सब तुम्हारी बातें सुनते हैं। आज हम दोस्ती करने आए हैं!”
तीनों बच्चे खुश होकर उछल पड़े।
चाँद भी धीरे से नीचे झुक गया और बोला,
“लेकिन दोस्ती के लिए एक वादा करना पड़ता है।”
बच्चों ने पूछा, “कौन सा वादा?”
चाँद बोला,
“हम हर रात आसमान में चमककर तुम्हें खुशी देते हैं रौशनी फैलाते हैं । बदले में, तुम सबको—घर, स्कूल, और दोस्तों—को भी रोशनी जैसी खुशी बाँटनी होगी।”
तारे बोले,
“अगर कोई उदास हो, तो उसे हँसाना।
अगर कोई अकेला हो, तो उसके साथ रहना।
अगर कोई गलत करे, तो प्यार से सही रास्ता दिखाना।”
तीनों बच्चों ने एक दूसरे की तरफ देखा और साथ में कहा,
“हम वादा करते हैं!”
चाँद मुस्कुराया, तारे और भी चमक उठे।
और उस दिन से
नैना, वीर और कबीर ने सबकी मदद करना शुरू कर दिया—
कभी किसी दोस्त का बैग उठाया,
कभी छोटे भाई को पढ़ाया,
कभी पड़ोस की दादी को पानी लाकर दिया।
रात में जब वे आसमान देखते,
चाँद चमककर कहता—
“अच्छे बच्चों, अपनी रोशनी दुनिया में फैलाते रहो।”